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चेकलिस्ट

ध्यान करने से जीवन में क्या बदलाव आते हैं?

की चेकलिस्ट

ध्यान से जीवन में — मन शांत और एकाग्र होता है, क्रोध-चिंता घटती है, निर्णय-क्षमता और अंतर्ज्ञान बढ़ता है, शरीर में ऊर्जा बढ़ती है। गीता (2/55-72) में स्थितप्रज्ञ के लक्षण यही बदलाव हैं। गीता (6/15) — नियमित ध्यान से परम शांति और निर्वाण मिलता है।

  1. 1*'प्रजहाति यदा कामान् सर्वान् पार्थ मनोगतान्।'* (2/55) — मन की इच्छाएं क्षीण होती हैं
  2. 2क्रोध, लोभ, मोह कम होते हैं
  3. 3चिंता और भय कम होते हैं
  4. 4मन वर्तमान में टिकता है
  5. 5सुख में अति-उत्साह नहीं, दुःख में अति-विषाद नहीं — समभाव
  6. 6संबंधों में गहराई आती है — अहंकार कम होने से
  7. 7करुणा और सहानुभूति बढ़ती है
  8. 8निर्णय-क्षमता बढ़ती है — मन स्पष्ट होता है
  9. 9सहज ज्ञान (intuition) प्रबल होता है
  10. 10एकाग्रता और स्मरणशक्ति बढ़ती है
  11. 11नींद गहरी और कम होती है
  12. 12ऊर्जा-स्तर बढ़ता है
  13. 13चेहरे पर तेज और शांति प्रकट होती है
  14. 14रोगप्रतिरोध क्षमता बढ़ती है
  15. 15ईश्वर के प्रति श्रद्धा गहरी होती है
  16. 16जीवन में अर्थ और उद्देश्य मिलता है
  17. 17मृत्यु का भय कम होता है
  18. 18क्रमशः ब्रह्म-अनुभव की ओर यात्रा
  19. 19नित्य ध्यान करने वाला योगी परम शांति और निर्वाण को प्राप्त करता है।
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