ध्यान के दौरान शरीर में क्या अनुभव होता है?
की चेकलिस्ट
ध्यान में शरीर-अनुभव: प्रारंभ — भारीपन, श्वास मंद। मध्य — हल्कापन, झनझनाहट, आनंद। गहन — शरीर-बोध समाप्त, आंतरिक प्रकाश, नाद (शंख/घंटी), स्फुरण। तैत्तिरीयोपनिषद: आनंदमय कोश जागृति = 'आनंदो ब्रह्म।' अनुभवों पर आसक्ति न करें।
- 1शरीर भारी और स्थिर लगता है
- 2श्वास मंद होती है
- 3आँखों में हल्की जलन या भारीपन
- 4शरीर हल्का लगने लगता है
- 5हाथों, पैरों में हल्की झनझनाहट
- 6भीतर से आनंद का अनुभव
- 7कभी-कभी कंपन (यह नाड़ी-शुद्धि का लक्षण)
- 8शरीर का बोध समाप्त
- 9आंतरिक प्रकाश का अनुभव
- 10ध्वनियाँ सुनाई देना (नाद) — शंख, घंटी, मेघ आदि
- 11'स्फुरण' (आत्मिक कंपन)
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