ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

गणेश जी का सिर क्यों कटा और हाथी सिर कैसे लगा

की चेकलिस्ट

पार्वती ने उबटन से बालक बनाया, द्वारपाल नियुक्त किया। शिव को रोकने पर शिव ने क्रोध में सिर काटा। पार्वती के क्रोध पर शिव ने हाथी का सिर लगाकर पुनर्जीवित किया। वरदान: सर्वप्रथम पूज्य। आध्यात्मिक: मानव सिर कटना = अहंकार नाश; गज सिर = बुद्धि, विवेक।

  1. 1गणेश की उत्पत्ति — पार्वती जी ने स्नान से पहले अपने शरीर के मैल (उबटन/चंदन लेप) से एक बालक की मूर्ति बनाई और उसमें प्राण डाले। उन्होंने उसे द्वारपाल नियुक्त किया — 'किसी को भी अंदर मत आने देना।'
  2. 2शिव का आगमन — शिव जी तपस्या/भ्रमण से लौटे और अंदर जाना चाहा। बालक गणेश ने रोक दिया — 'माता ने मना किया है।' गणेश शिव को नहीं जानते थे।
  3. 3शिव का क्रोध — शिव के गणों ने बालक से युद्ध किया परंतु हार गए। अंततः क्रोधित शिव ने त्रिशूल से बालक का सिर काट दिया।
  4. 4पार्वती का क्रोध — पार्वती ने देखा तो अत्यंत क्रोधित हुईं और प्रलय करने को तैयार हो गईं। ब्रह्मा और विष्णु ने शांत किया।
  5. 5शिव का प्रायश्चित — शिव ने गणों को आदेश दिया — 'उत्तर दिशा में जाओ, जो भी प्राणी सबसे पहले मिले जो अपनी माता की ओर पीठ करके सोया हो, उसका सिर लाओ।' एक हाथी का बच्चा मिला (कुछ पाठों में बूढ़ा हाथी)। उसका सिर लाकर बालक के धड़ पर जोड़ा गया।
  6. 6पुनर्जीवन और वरदान — शिव ने बालक को पुनर्जीवित किया, अपना पुत्र स्वीकार किया, और वरदान दिया — 'तू सभी देवताओं में प्रथम पूज्य होगा — किसी भी शुभ कार्य में सबसे पहले तेरी पूजा होगी।'
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
पौराणिक कथा

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।