गणेश चतुर्थी पूजा कैसे करें?
की चेकलिस्ट
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित करें। 10 दिन प्रतिदिन 21 दूर्वा, 21 मोदक, सिंदूर अर्पण, गणपति अथर्वशीर्ष पाठ और आरती करें। चतुर्थी पर चंद्रमा न देखें। अनंत चतुर्दशी को विसर्जन करें।
- 1मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमा लाएं — पर्यावरण की दृष्टि से मिट्टी की मूर्ति श्रेष्ठ
- 2प्रतिमा को शुद्ध स्थान पर स्थापित करें
- 3पंडित जी से प्राण प्रतिष्ठा कराएं
- 4स्नान और स्वच्छ वस्त्र
- 5गणेश जी को स्नान (जल या पंचामृत)
- 6वस्त्र और जनेऊ अर्पण
- 7सिंदूर और पीत चंदन
- 821 दूर्वा अर्पण — यह सबसे महत्वपूर्ण है
- 9लाल पुष्प — 21
- 1021 मोदक का भोग
- 11धूप-दीप
- 12गणपति अथर्वशीर्ष पाठ — 1 या 3 बार
- 13'ॐ गं गणपतये नमः' — 108 बार
- 14गणेश आरती
- 1521 मोदक में से 5 प्रसाद में देवी को, 5 देवताओं को — शेष भक्तों को
- 16अंतिम बार पूर्ण पूजन करें
- 17'गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या' — जयघोष
- 18मूर्ति को नदी/तालाब में विसर्जित करें
- 19विसर्जन मंत्र: 'यान्तु देवगणाः सर्वे पूजामादाय माम्।'
- 20विसर्जन के बाद घर में स्वच्छता
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