12 नाम: सुमुख, एकदन्त, कपिल, गजकर्णक, लम्बोदर, विकट, विघ्ननाशन, विनायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचन्द्र, गजानन। फल (श्लोक): विद्यारंभ, विवाह, संग्राम, संकट — कहीं विघ्न नहीं। विधि: 'ॐ (नाम) नमः' 108 बार या श्लोक 11/21 बार।
- 1सुमुख 2. एकदन्त 3. कपिल 4. गजकर्णक 5. लम्बोदर 6. विकट 7. विघ्ननाशन 8. विनायक 9. धूम्रकेतु 10. गणाध्यक्ष 11. भालचन्द्र 12. गजानन
- 2प्रातःकाल स्नान कर गणेश के सामने बैठें।
- 312 नामों का श्लोक सहित एक बार पाठ करें।
- 4फिर प्रत्येक नाम के साथ 'ॐ' उपसर्ग और 'नमः' प्रत्यय लगाकर जप करें: जैसे 'ॐ सुमुखाय नमः', 'ॐ एकदन्ताय नमः'...
- 5प्रत्येक नाम 108 बार जपें (विशेष अनुष्ठान में)।
- 6या सम्पूर्ण 12 नाम का श्लोक 11 बार या 21 बार पढ़ें।