हाँ — वैज्ञानिक प्रमाणित। बैक्टीरियोफेज (~1,000 प्रकार वायरस = बैक्टीरिया नाशक), ऑक्सीजन (20× अधिक), गंधक, हिमालयी खनिज। 1890 हैंकिन ने खोजा। हरिद्वार/ऋषिकेश = सर्वाधिक शुद्ध।
- 1बैक्टीरियोफेज — गंगा में ~1,000 प्रकार के विशेष वायरस जो हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करते हैं। 1890 में ब्रिटिश वैज्ञानिक अर्नेस्ट हैंकिन ने पहली बार खोजा — हैजा बैक्टीरिया गंगाजल में जीवित नहीं रहता। फ्रांसीसी वैज्ञानिकों ने इन्हें 'निंजा वायरस' कहा।
- 2ऑक्सीजन — गंगा में वायुमंडल से ऑक्सीजन अवशोषण क्षमता अन्य नदियों से ~20 गुना अधिक। ऑक्सीजन = सड़न रोकती है।
- 3गंधक (Sulphur) — उच्च मात्रा; जीवाणु विकास रोकता है।
- 4हिमालयी जड़ी-बूटियां/खनिज — गंगोत्री से हरिद्वार तक हिमालय की जड़ी-बूटियां, तांबा, क्रोमियम, थोरियम = प्राकृतिक शुद्धिकरण।
- 5Self-purification — IIT रुड़की: गंगा में अद्भुत स्व-शुद्धिकरण क्षमता।