ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

गायत्री मंत्र का पूरा अर्थ क्या है शब्दशः?

की चेकलिस्ट

ऋग्वेद 3.62.10: 'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।' अर्थ: उस श्रेष्ठ परमात्मा (सविता) के दिव्य तेज का हम ध्यान करें, जो हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करे। ऋषि विश्वामित्र।

  1. 1ॐ — परम ब्रह्म, सृष्टि का आदि स्वर
  2. 2भूः — भूलोक (पृथ्वी), भौतिक जगत
  3. 3भुवः — भुवर्लोक (अंतरिक्ष), प्राणिक जगत
  4. 4स्वः — स्वर्लोक (स्वर्ग), दिव्य जगत
  5. 5तत् — उस (परमात्मा का)
  6. 6सवितुः — सविता (सूर्य/सृष्टिकर्ता) का — यहाँ सविता = परमात्मा की प्रेरक शक्ति
  7. 7वरेण्यं — सर्वश्रेष्ठ, वरण करने योग्य
  8. 8भर्गः — दिव्य तेज, आभा, ज्ञान प्रकाश
  9. 9देवस्य — देव (परमात्मा) का
  10. 10धीमहि — हम ध्यान करें, धारण करें
  11. 11धियः — बुद्धि (हमारी)
  12. 12यः — जो (वह परमात्मा)
  13. 13नः — हमारी
  14. 14प्रचोदयात् — प्रेरित करे, सन्मार्ग पर चलाए
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
मंत्र ज्ञान

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।