गीता लाभ: मृत्यु भय मुक्ति, शोक-मोह निवृत्ति, तनाव प्रबंधन (समभाव 2.48), कर्म प्रेरणा, निर्णय विवेक, मन शांति, असफलता से निर्भयता (फल आसक्ति नहीं)। गांधी ने 'गीता माता' कहा। यह धार्मिक ग्रंथ नहीं, जीवन प्रबंधन का सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शक है।
1भय से मुक्ति — मृत्यु, असफलता और भविष्य का भय कम होता है (आत्मा अमर — 2.20)।
2शोक-मोह निवृत्ति — गीता का मूल उद्देश्य ही शोक और मोह दूर करना है।
3आत्मज्ञान — 'मैं कौन हूं' का उत्तर।
4कर्मबंधन से मुक्ति — निष्काम कर्म का ज्ञान।
5तनाव प्रबंधन — सुख-दुख में समभाव (2.48) — आधुनिक Stoicism से भी गहरा सिद्धांत।
6निर्णय क्षमता — धर्म-अधर्म, कर्तव्य-अकर्तव्य का विवेक।