ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में पूजा स्थल, जल कलश, तुलसी का पौधा रखें और इसे खुला व स्वच्छ रखें। शौचालय, भारी सामान, अग्नि स्रोत और कूड़ा कदापि न रखें। यह दिशा जल तत्व और ईश्वर की है।
- 1पूजा स्थल/मंदिर — पूजा घर के लिए ईशान कोण सर्वश्रेष्ठ स्थान है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह पूरे घर में होता है।
- 2जल स्रोत — ईशान कोण जल तत्व का प्रतिनिधि है। यहाँ पानी का कलश, जल पात्र या छोटा फाउंटेन रखना शुभ है। भूमिगत जल टैंक या बोरवेल के लिए भी यह दिशा उत्तम है।
- 3तुलसी का पौधा — तुलसी वृंदावन ईशान कोण में अत्यंत शुभ माना जाता है।
- 4स्वच्छ और खुला स्थान — ईशान कोण यथासंभव खुला, स्वच्छ और हल्का रखें। यहाँ फर्श का स्तर अन्य भागों से नीचा होना शुभ है।
- 5शौचालय/बाथरूम — यह सबसे बड़ा वास्तु दोष माना जाता है।
- 6कूड़ादान या गंदगी — अशुद्ध वस्तुएं इस दिशा में कदापि न रखें।
- 7भारी सामान/अलमारी — भारी फर्नीचर या स्टोर रूम न बनाएं।