का सरल उत्तर
ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में पूजा स्थल, जल कलश, तुलसी का पौधा रखें और इसे खुला व स्वच्छ रखें। शौचालय, भारी सामान, अग्नि स्रोत और कूड़ा कदापि न रखें। यह दिशा जल तत्व और ईश्वर की है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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