हिंदू धर्म में ध्यान कैसे किया जाता है?
की चेकलिस्ट
गीता (6/11-15) और योगसूत्र के अनुसार ध्यान के लिए — एकांत स्थान, उचित आसन, प्राणायाम, इष्ट विषय पर धारणा और नियमित अभ्यास आवश्यक है। ध्यान का उद्देश्य चित्त की एकाग्रता और अंततः समाधि एवं मोक्ष की प्राप्ति है।
- 1एकांत, पवित्र स्थान का चयन करें
- 2कुशा, मृगछाल या वस्त्र बिछाएं
- 3सुखासन, पद्मासन या सिद्धासन में बैठें
- 4रीढ़, गर्दन और सिर को सीधा रखें (गीता 6/11-13)
- 5नाड़ी शोधन प्राणायाम से श्वास को स्थिर करें
- 6धीरे-धीरे श्वास की गति मंद करें
- 7चित्त को शांत करें
- 8दृष्टि को नासिकाग्र, भ्रूमध्य या हृदय में स्थिर करें (गीता 6/13)
- 9मन को किसी एक विषय — इष्टदेव, ॐ, मंत्र — पर लगाएं
- 10मन जब-जब भटके, धीरे से इष्ट विषय पर वापस लाएं
- 11भाव करें कि हृदय में प्रकाश, ईश्वर का दिव्य रूप या ॐ का नाद विद्यमान है
- 12प्रतिदिन 20–40 मिनट का अभ्यास करें
- 13नियमित ध्यान से धारणा → ध्यान → समाधि की अवस्था प्राप्त होती है
- 14यहाँ साधक और ध्येय का भेद मिट जाता है
- 15सोऽहम् ध्यान — 'सो' श्वास के साथ, 'हम्' छोड़ते हुए
- 16नाद ध्यान — ॐ के नाद पर एकाग्रता
- 17देवमूर्ति ध्यान — इष्टदेव के दिव्य रूप का चिंतन
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