हिंदू धर्म में योग के प्रकार क्या हैं?
की चेकलिस्ट
हिंदू धर्म में मुख्य रूप से चार योग मार्ग हैं — ज्ञानयोग (बुद्धि), भक्तियोग (प्रेम), कर्मयोग (निष्काम कर्म) और राजयोग (अष्टांग)। इसके अतिरिक्त हठयोग और कुण्डलिनी योग भी प्रमुख परंपराएं हैं।
- 1बुद्धि और विवेक के माध्यम से ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग
- 2'मैं कौन हूँ' के विचार-मनन द्वारा आत्मज्ञान की प्राप्ति
- 3गीता अध्याय 4 और 13 में विस्तृत वर्णन
- 4बौद्धिक स्वभाव के साधकों के लिए उपयुक्त
- 5प्रेम और समर्पण के माध्यम से ईश्वर-प्राप्ति
- 6गीता अध्याय 12 इसे श्रेष्ठ मार्ग बताता है
- 7भावनात्मक स्वभाव के साधकों के लिए
- 8नवधा भक्ति इसका व्यावहारिक रूप है
- 9निष्काम और फलासक्ति रहित कर्म का मार्ग
- 10गीता (2/47): *'कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन'*
- 11सामाजिक जीवन जीते हुए मोक्ष का मार्ग
- 12कर्मशील और व्यावहारिक स्वभाव के लिए
- 13पतंजलि के अष्टांग योग पर आधारित
- 14यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि
- 15वैज्ञानिक विधि से चित्त की शुद्धि और ईश्वर-साक्षात्कार
- 16शरीर और प्राण के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति
- 17आसन, मुद्रा, बंध और प्राणायाम इसके अंग हैं
- 18हठयोग प्रदीपिका, घेरण्ड संहिता प्रमुख ग्रंथ
- 19शक्ति (कुण्डलिनी) के जागरण का मार्ग
- 20तंत्र और शाक्त परंपरा में विशेष महत्व
- 21गुरु-मार्गदर्शन अनिवार्य
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