'जपहिं नामु जन आरत भारी। मिटहिं कुसंकट होहिं सुखारी' — चार प्रकार के भक्त कौन हैं?
की चेकलिस्ट
चार प्रकार के भक्त हैं — (1) अर्थार्थी (धन चाहने वाले), (2) आर्त (संकट निवृत्ति चाहने वाले), (3) जिज्ञासु (भगवान को जानने वाले), (4) ज्ञानी (तत्त्व से जानकर प्रेम से भजने वाले)। चारों को नाम का आधार है, पर ज्ञानी भक्त प्रभु को विशेष प्रिय हैं।
- 1अर्थार्थी — धनादिकी चाहसे भजनेवाले
- 2आर्त — संकटकी निवृत्तिके लिये भजनेवाले
- 3जिज्ञासु — भगवान्को जाननेकी इच्छासे भजनेवाले
- 4ज्ञानी — भगवान्को तत्त्वसे जानकर स्वाभाविक ही प्रेमसे भजनेवाले
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श्रेणी
रामचरितमानस — बालकाण्ड
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