कालसर्प दोष कैसे पहचानें कुंडली में
की चेकलिस्ट
सभी 7 ग्रह राहु-केतु के एक ओर = कालसर्प। 12 प्रकार (भाव अनुसार)। लक्षण: सांप सपने, बाधा, असफलता। ज्योतिषी से जांच। महत्वपूर्ण: प्राचीन ग्रंथों में 'कालसर्प' शब्द नहीं — अपेक्षाकृत नवीन अवधारणा।
- 1राहु-केतु अक्ष — राहु और केतु कुंडली में 180° विपरीत होते हैं (सदैव)।
- 2सभी ग्रह एक ओर — यदि शेष 7 ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) राहु से केतु तक एक ही ओर हों = कालसर्प दोष।
- 312 प्रकार — अनंत, कुलिक, वासुकि, शंखपाल, पद्म, महापद्म, तक्षक, कर्कोटक, शंखचूड़, घातक, विषधर, शेषनाग — राहु-केतु की भाव स्थिति अनुसार।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
ज्योतिष दोष एवं उपाय
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।