खलों (दुष्टों) के स्वभाव की तुलना बालकाण्ड में किस-किस से की गई है?
की चेकलिस्ट
खलों की तुलना — (1) ओलों से (दूसरों को नष्ट कर स्वयं भी नष्ट), (2) कालनेमि-रावण-राहु से (कपटी वेषधारी), (3) जोंक से (कमल-जोंक एक जल में पर गुण भिन्न), (4) उल्लू से (प्रकाश/सत्संग से कष्ट), (5) हज़ार मुखवाले से (दोष बखानने में)।
- 1ओलों से — जैसे ओले खेतीका नाश करके आप भी गल जाते हैं, वैसे ही दुष्ट दूसरोंका काम बिगाड़नेके लिये अपना शरीरतक छोड़ देते हैं।
- 2कालनेमि, रावण और राहु से — वेषधारी ठग हैं, अच्छा वेष बनाकर वेषके प्रतापसे जगत पूजता है; परन्तु एक-न-एक दिन वे पौड़े आ ही जाते हैं, अन्ततक उनका कपट नहीं निभता।
- 3जोंक से — 'उपजहिं एक संग जग माहीं। जलज जोंक जिमि गुन बिलगाहीं॥' — संसार में संत-असंत एक साथ उत्पन्न होते हैं, पर जैसे कमल और जोंक एक ही जल में रहकर भिन्न गुण रखते हैं।
- 4उल्लू से — सत्संग में दुष्ट वैसे ही असहज होते हैं जैसे उल्लू को सूर्य का प्रकाश कष्ट देता है।
- 5शेषजी (हज़ार मुखवाले) से — दुष्ट हज़ार मुखोंसे दूसरों के दोषों का बड़े रोषके साथ वर्णन करते हैं।
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श्रेणी
रामचरितमानस — बालकाण्ड
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