कुंडली में संन्यास योग कैसे दिखता है?
की चेकलिस्ट
4+ ग्रह एक भाव, शनि+चंद्र(विरक्ति), केतु 1/9/12(मोक्ष), गुरु+केतु(ज्ञान+वैराग्य), 12वाँ शुभ। संन्यास योग≠संन्यास अनिवार्य — आध्यात्मिक रुचि/ध्यान प्रवृत्ति।
- 14+ ग्रह एक भाव में (ग्रह संकुल = वैराग्य)।
- 2शनि+चंद्र संबंध (विशेषतः 1/4/10 में) = मन विरक्त।
- 3केतु लग्न/1/9/12 में मजबूत = मोक्ष/वैराग्य।
- 412वाँ भाव (मोक्ष भाव) में शुभ ग्रह।
- 59वाँ भाव (धर्म) + 12वाँ (मोक्ष) स्वामी संबंध।
- 6गुरु+केतु युति = ज्ञान+वैराग्य।
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