का सरल उत्तर
4+ ग्रह एक भाव, शनि+चंद्र(विरक्ति), केतु 1/9/12(मोक्ष), गुरु+केतु(ज्ञान+वैराग्य), 12वाँ शुभ। संन्यास योग≠संन्यास अनिवार्य — आध्यात्मिक रुचि/ध्यान प्रवृत्ति।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।