की चेकलिस्ट
हाँ, ध्यान से कुंडलिनी जागृत होती है। सुषुम्ना नाड़ी शुद्धि → कुंडलिनी उत्थान। विधियाँ: शाम्भवी मुद्रा, नादानुसंधान, त्राटक। हठयोग प्रदीपिका और शिव संहिता में वर्णित। गुरु-निर्देशन अनिवार्य।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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