बगलामुखी सावधानियाँ: (1) गुरु की आज्ञा और मार्गदर्शन अनिवार्य, (2) साधना गुप्त रखें, (3) पूर्ण ब्रह्मचर्य — स्त्री स्पर्श-चर्चा-संसर्ग से दूर, (4) डरपोक/कमजोर हृदय के लिए नहीं, (5) दीपक निरंतर जलता रहे।
- 1माँ बगलामुखी की साधना अत्यंत शक्तिशाली होती है, अतः इसे गुरु की आज्ञा और उनके मार्गदर्शन में ही करना चाहिए।
- 2साधना को गुप्त रखना चाहिए।
- 3साधना काल में पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना, स्त्री स्पर्श, चर्चा और संसर्ग से दूर रहना अनिवार्य है।
- 4यह साधना डरपोक या कमजोर हृदय वाले व्यक्तियों के लिए नहीं है, क्योंकि साधना के दौरान भयानक अनुभव या आवाजें सुनाई दे सकती हैं।
- 5साधना के दौरान दीपक निरंतर जलता रहना चाहिए।