मातंगी साधना के लाभ: वाक् सिद्धि, संगीत-नृत्य-लेखन में निपुणता, वशीकरण-आकर्षण, शत्रु नियंत्रण, सिद्धियाँ, धन-समृद्धि-मानसिक शांति, डाकिनी-भूत-प्रेत से रक्षा, कवित्व शक्ति, जल-अग्नि-वाणी का स्तंभन।
- 1वाक् सिद्धि (वाणी की अमोघ शक्ति)।
- 2संगीत, नृत्य, लेखन एवं अन्य सभी कलाओं में निपुणता और ज्ञान की प्राप्ति।
- 3तीव्र वशीकरण और आकर्षण शक्ति।
- 4शत्रुओं पर नियंत्रण और विभिन्न अलौकिक शक्तियों (सिद्धियों) की प्राप्ति।
- 5धन, समृद्धि, भोग-विलास की वस्तुएँ, मानसिक शांति और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता।
- 6डाकिनी, शाकिनी, भूत-प्रेत आदि नकारात्मक शक्तियों से रक्षा।
- 7कवित्व शक्ति का विकास।
- 8जल, अग्नि और वाणी का स्तंभन भी संभव हो जाता है।