त्रिपुर भैरवी साधना लाभ: सभी बंधनों से मुक्ति, षोडश कला संतान, जल-थल-नभ वर्चस्व, व्यापार-धन वृद्धि, मनोवांछित विवाह, आरोग्य, निडरता-आत्मबल, रोग-शत्रु नाश, कानूनी मुक्ति, नकारात्मकता से सुरक्षा, कुंडलिनी कृपा।
- 1साधक सभी प्रकार के बंधनों से मुक्त हो जाता है।
- 2षोडश कलाओं में निपुण संतान की प्राप्ति में सहायक।
- 3साधक को जल, थल और नभ में वर्चस्व प्राप्त होता है।
- 4व्यापार और आजीविका में अत्यधिक वृद्धि — व्यक्ति धन-श्रेष्ठ और सुखी बनता है।
- 5मनोवांछित वर या कन्या से विवाह और वैवाहिक जीवन सुखमय।
- 6आरोग्य की सिद्धि।
- 7साधक में निडरता, निश्चिंतता और आत्मबल का विकास।
- 8देवी प्रत्यक्ष प्रकट होकर सभी रोगों और शत्रुओं का नाश।
- 9कानूनी समस्याओं से मुक्ति।
- 10नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा।
- 11मन की एकाग्रता और आत्मविश्वास में वृद्धि।
- 12जीवन में स्थिरता, शक्ति और सफलता।
- 13कुंडलिनी शक्ति की पूर्ण कृपा और सामूहिक आकर्षण की शक्ति।