महामृत्युंजय मंत्र अकाल मृत्यु से रक्षा, रोग निवारण, मानसिक शांति, शत्रु भय नाश और मोक्ष प्रदान करता है। ग्रह दोष और दुर्घटना भय में भी यह मंत्र रक्षक है। शिव पुराण इसे सर्वोच्च कल्याण मंत्र मानता है।
1मोक्ष प्राप्ति — यह मंत्र आत्मा को मृत्यु-जन्म के चक्र से मुक्त करने में सहायक है
2शिव कृपा — शिव का त्रिनेत्र खुलता है और साधक पर विशेष कृपा होती है
3आत्मज्ञान — निरंतर जप से अहंकार का नाश और आत्म-साक्षात्कार होता है
4रोग निवारण — असाध्य रोगों में भी इस मंत्र के जप का फल मिलता है
5दीर्घायु — शिव पुराण में इसे 'मृत्युंजय मंत्र' कहा गया — यह अकाल मृत्यु से रक्षा करता है
6मानसिक शांति — जप से चिंता, भय और अवसाद दूर होता है