महामृत्युंजय मंत्र कितनी बार जप करना चाहिए?
की चेकलिस्ट
नित्य मंगल के लिए 108, रोग में 1008, गंभीर संकट में 21 दिन × 1008। मंत्र सिद्धि के लिए सवा लाख (1,25,000) का पुरश्चरण — प्रतिदिन 2500 जप = 50 दिन। शिव पुराण: शिव आशुतोष हैं — नित्य 11 बार भी जप से उनकी कृपा रहती है।
- 1मृत्युतुल्य रोग: 40 दिन × 1008 = अनुष्ठान
- 2जन्म-मृत्यु संकट: लगातार जप — संख्या से अधिक भाव महत्वपूर्ण
- 3ग्रह दोष: 11000 जप — एकादश हजार
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