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चेकलिस्ट

महिलाएं पिंडदान कर सकती हैं या नहीं?

की चेकलिस्ट

गरुड़ पुराण: हाँ — पुत्र न हो तो पत्नी/बेटी/बहन। गया में भी महिलाएं करती हैं।: 'पुत्र अभाव में पत्नी, फिर शिष्य।' आधुनिक: बेटा=बेटी। 'पितरों को श्रद्धा चाहिए, लिंग नहीं।'

  1. 1गरुड़ पुराण (प्रेतखंड 8): अंतिम संस्कार + पिंडदान + श्राद्ध — सब में पुत्र प्रथम अधिकारी, पर पत्नी/बेटी/बहन भी कर सकती हैं (पुरुष सदस्य न हो तो)।
  2. 2मनुस्मृति: पत्नी अपने पति का श्राद्ध/पिंडदान कर सकती है (संतान न हो)।
  3. 3गरुड़ पुराण कहता है — *'संस्कार पुत्र से अपेक्षित, उसके अभाव में पत्नी, फिर शिष्य।'*
  4. 4गया में भी महिलाएं पिंडदान करती हैं — कोई शास्त्रीय वर्जना नहीं।
  5. 5बेटा-बेटी समान — यह संवैधानिक और नैतिक दोनों सिद्धांत है।
  6. 6श्रद्धा और भाव प्रधान — कौन करे यह नहीं, कैसे करे यह महत्वपूर्ण।सार: *'पितरों को श्रद्धा चाहिए, लिंग नहीं।'* जो भी सच्ची श्रद्धा से करे — पितर प्रसन्न होते हैं।
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श्राद्ध विधि

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