मकर संक्रांति पर सूर्य को अर्घ्य कैसे देते हैं?
की चेकलिस्ट
सूर्य अर्घ्य विधि: उदित सूर्य की ओर मुख → तांबे के लोटे को हृदय-नेत्र से ऊपर उठाएं → धीमी धार से जल पृथ्वी पर गिराएं → दृष्टि जलधारा के बीच से सूर्य बिंब पर। तीन बार प्रदक्षिणा → साष्टांग प्रणाम।
- 1साधक को उदित होते हुए सूर्य की ओर मुख करके खड़ा होना चाहिए।
- 2तांबे के पात्र को दोनों हाथों से पकड़कर अपने हृदय और नेत्रों के स्तर से ऊपर उठाना चाहिए।
- 3जल को अत्यंत धीमी गति से धार बनाकर पृथ्वी पर गिराना चाहिए।
- 4साधक की दृष्टि उस गिरती हुई जलधारा के मध्य से सूर्य के बिम्ब पर केंद्रित होनी चाहिए।
- 5यह प्रक्रिया क्रोमोथेरेपी (Chromotherapy) का एक प्राचीन स्वरूप है।
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सूर्य अर्घ्य
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