नहीं। मंत्र=शांति+एकाग्रता+बुद्धि+कृपा, पर मेहनत का विकल्प नहीं। गीता: 'अपना उद्धार स्वयं करो।' मंत्र=ईंधन, मेहनत=इंजन। कृष्ण ने गीता सुनाकर कहा=अब लड़ो!
1मानसिक शांति, एकाग्रता, आत्मविश्वास।
2सही निर्णय लेने की बुद्धि।
3नकारात्मक ऊर्जा दूर।
4ईश्वर कृपा — पर कृपा उन पर बरसती है जो स्वयं प्रयास करते हैं।