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चेकलिस्ट

मंदिर की वास्तु में वास्तु पुरुष मंडल का क्या अर्थ है?

की चेकलिस्ट

दिव्य पुरुष भूमि पर लेटा = 81/64 खाने = मंडल। केंद्र (पेट) = ब्रह्मस्थान = गर्भगृह। ईशान (शिर) = शुभ (जल/पूजा)। नैऋत्य (पैर) = स्थिर। हर मंदिर/घर = मंडल अनुसार।

  1. 1ब्रह्मस्थान (केंद्र): वास्तु पुरुष का पेट = ब्रह्मा = सबसे पवित्र → गर्भगृह यहीं।
  2. 2किनारे: विभिन्न देवता/दिक्पाल — इंद्र(पूर्व), यम(दक्षिण), वरुण(पश्चिम), कुबेर(उत्तर)।
  3. 3शिर (ईशान): पूर्व-उत्तर = शिव = सबसे शुभ → जल/पूजा स्थान।
  4. 4पैर (नैऋत्य): दक्षिण-पश्चिम = भारी/स्थिर → भंडार/दीवार।
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