वाहन पूजा: नवीन वाहन + विजयदशमी। विधि: गणपति पूजन → बोनट पर स्वस्तिक → नारियल तोड़ें → टायर+स्टीयरिंग कुंकुम → माला → नींबू टायर नीचे (कटे=अशुभ कटा) → आरती+कर्पूर (अंदर शुद्धि) → प्रसाद। सामग्री: हल्दी-कुंकुम, नारियल, नींबू, पुष्प। सुरक्षित ड्राइविंग = व्यक्तिगत जिम्मेदारी।
- 1नवीन वाहन खरीदने पर (सर्वप्रमुख)
- 2वाहन दुर्घटना से बचने के बाद
- 3वार्षिक पूजा (कुछ परम्पराओं में)
- 4आयुध पूजा/विजयदशमी (दक्षिण भारत — सभी वाहनों/औजारों की पूजा)
- 5वाहन स्वच्छ धोएँ
- 6मंदिर ले जाएँ (या पुजारी को घर/शोरूम पर बुलाएँ)
- 7हल्दी, कुंकुम, अक्षत (चावल)
- 8नारियल, सुपारी, पान
- 9पुष्प माला, गेंदा फूल
- 10नींबू (2 — टायर के नीचे)
- 11धूप, दीपक, कपूर
- 12फल, मिठाई (भोग)
- 13लाल/पीला कपड़ा
- 14गणपति पूजन (प्रारम्भ)
- 15वाहन के सामने (बोनट पर) स्वस्तिक बनाएँ (हल्दी-कुंकुम)
- 16नारियल तोड़ें (सामने)
- 17टायरों पर कुंकुम तिलक
- 18स्टीयरिंग/हैंडल पर कुंकुम
- 19पुष्प माला बाँधें
- 20नींबू — दो पहियों के नीचे रखें (वाहन आगे बढ़ाएँ → नींबू कटे = अशुभ कटा)
- 21दीपक जलाएँ, आरती करें
- 22कर्पूर जलाकर वाहन के अंदर घुमाएँ (शुद्धि)
- 23प्रार्थना: 'हे भगवान, इस वाहन में यात्रा करने वाले सदा सुरक्षित रहें'
- 24प्रसाद वितरण