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चेकलिस्ट

मंत्र जप और ध्यान में क्या संबंध है?

की चेकलिस्ट

पतंजलि: 'जप = अर्थ भावना सहित' → जप = ध्यान का साधन। क्रम: वाचिक → उपांशु → मानसिक → अजपा → ध्यान → समाधि। जप = मन की लगाम → मन शांत → स्वतः ध्यान। जप = प्रवेश द्वार, ध्यान = फल।

  1. 1जप → धारणा → ध्यान → समाधि: पतंजलि के अष्टांग योग में — जप एकाग्रता (धारणा) लाता है → एकाग्रता गहरी = ध्यान → ध्यान गहरा = समाधि।
  2. 2जप = मन की लगाम: मन चंचल (बंदर) — मंत्र = लगाम। जप करते-करते मन शांत → स्वतः ध्यान।
  3. 3जप = ध्वनि ध्यान: मंत्र ध्वनि पर ध्यान = ध्यान का एक प्रकार (Mantra Meditation)।
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