मंत्र जप का अर्थ क्या होता है?
की चेकलिस्ट
मंत्र जप का अर्थ: 'मन्' (मनन) + 'त्र' (रक्षा) = जो मनन से रक्षा करे। जप = देवता का निरंतर स्मरण। मन को बार-बार भगवान की ओर मोड़ने का अभ्यास। परम जप: 'अजपा जप' — श्वास में 'हं-सः' — 24 घंटे 21,600 बार स्वतः।
- 1'मन्' (धातु) = मनन करना, चिंतन करना
- 2'त्र' (प्रत्यय) = त्राण — रक्षा
- 3अर्थ: 'जो मनन करने पर रक्षा करे'
- 4'जप्' (धातु) = धीरे-धीरे बोलना, मन में दोहराना
- 5जप = मंत्र की आवृत्ति
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
मंत्र अर्थ
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।