गोपनीयता (दिखावा नहीं), अहंकार शून्य, ऊर्जा संरक्षण (बिखरे नहीं), गाय = पवित्रता। दाहिने हाथ से माला, बाएं से सहारा। जप दूसरों को न दिखे।
- 1गोपनीयता: मंत्र जप = गोपनीय। दूसरों को न दिखे कितना जप हुआ — गौमुखी = माला छिपी।
- 2अहंकार: खुली माला = 'देखो मैं जप कर रहा हूं' — दिखावा/अहंकार। गौमुखी = विनम्रता।
- 3ऊर्जा संरक्षण: मंत्र ऊर्जा माला में संचित — खुली माला = ऊर्जा बिखर जाती है। गौमुखी = ऊर्जा संरक्षित।
- 4गाय = पवित्र: गौमुखी = गाय मुख — गाय = पवित्रता। जप = गाय मुख से निकलता = शुद्ध।
- 5शीतलता/ऊष्मा: ठंड में हाथ गर्म, गर्मी में पसीना न लगे।