न = पृथ्वी (स्थिरता), म = जल (प्रवाह), शि = अग्नि (पाप-दहन/रूपांतरण), वा = वायु (प्राण-शक्ति), य = आकाश (चेतना विस्तार) — यह पंच-तत्वों को ब्रह्मांडीय पंच-महाभूतों से एकाकार करने की यौगिक प्रक्रिया है।
- 1'न' कार — पृथ्वी तत्व का प्रतीक है, जो स्थिरता और आधार प्रदान करता है।
- 2'म' कार — जल तत्व का प्रतीक है, जो जीवन में प्रवाह और सरसता लाता है।
- 3'शि' कार — अग्नि तत्व का प्रतीक है, जो पापों और अज्ञान का दहन कर रूपांतरण की ऊर्जा देता है।
- 4'वा' कार — वायु तत्व का प्रतीक है, जो शरीर में प्राण-शक्ति का संचार करता है।
- 5'य' कार — आकाश तत्व का प्रतीक है, जो चेतना के विस्तार और सर्वव्यापकता का बोध कराता है।