की चेकलिस्ट
कलश स्थापना: प्रतिपदा, शुभ मुहूर्त (भद्रा वर्जित)। विधि: जौ बोएँ → तांबे कलश में गंगाजल + सप्तमृत्तिका + पंचरत्न → स्वस्तिक-मौली → आम पत्ते + नारियल → 'ॐ आ जिघ्र कलशं...' मंत्र → देवी आवाहन → अखण्ड ज्योति। 9 दिन अचल रहे।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।