नवग्रह मंत्र कितने प्रकार के होते हैं?
की चेकलिस्ट
नवग्रह मंत्र तीन प्रकार के होते हैं: (1) बीज मंत्र — ग्रह शक्ति बीज रूप में, (2) गायत्री मंत्र — बुद्धि प्रकाशित करने की प्रार्थना, (3) पौराणिक स्तोत्र — महर्षि व्यास रचित नवग्रह स्तोत्र।
- 1बीज मंत्र: ये एकाक्षरी मंत्र होते हैं, जिनमें ग्रह की संपूर्ण शक्ति बीज रूप में समाहित होती है।
- 2गायत्री मंत्र: वैदिक संरचना वाले ये मंत्र संबंधित ग्रह देवता से हमारी बुद्धि (धी) को प्रकाशित करने की प्रार्थना हैं।
- 3पौराणिक स्तोत्र: महर्षि व्यास द्वारा रचित 'नवग्रह स्तोत्र' जैसे भक्तिपूर्ण स्तोत्र भी उपासना का एक सरल और प्रभावी मार्ग हैं।
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तंत्र और आगम शास्त्रों में उपासना
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