विस्तृत उत्तर
नवग्रहों की शांति और कृपा प्राप्ति हेतु मुख्यतः तीन प्रकार के मंत्रों का विधान है:
- 1बीज मंत्र: ये एकाक्षरी मंत्र होते हैं, जिनमें ग्रह की संपूर्ण शक्ति बीज रूप में समाहित होती है।
- 1गायत्री मंत्र: वैदिक संरचना वाले ये मंत्र संबंधित ग्रह देवता से हमारी बुद्धि (धी) को प्रकाशित करने की प्रार्थना हैं।
- 1पौराणिक स्तोत्र: महर्षि व्यास द्वारा रचित 'नवग्रह स्तोत्र' जैसे भक्तिपूर्ण स्तोत्र भी उपासना का एक सरल और प्रभावी मार्ग हैं।
