विस्तृत उत्तर
गायत्री मंत्र मुख्य रूप से सूर्य की उपासना है, इसलिए इसे 'सवितृ' मंत्र भी कहते हैं। शास्त्रों के अनुसार, सूर्यास्त के बाद गायत्री मंत्र का उच्च स्वर में जप करना वर्जित है क्योंकि यह काल 'मौन' का होता है। हालांकि, रात में सोने से पहले 'मानसिक जप' करने की मनाही नहीं है। रात में मानसिक जप करने से दिनभर का तनाव दूर होता है, एकाग्रता बढ़ती है और बुरे स्वप्न नहीं आते। आध्यात्मिक दृष्टि से यह आत्म-चिंतन और बुद्धि की शुद्धि के लिए लाभकारी है, बशर्ते इसे पूर्ण शांति और मौन रहकर किया जाए।





