विस्तृत उत्तर
तंत्र-मार्ग भय का नहीं, अपितु ब्रह्मांडीय शक्तियों के साथ सामंजस्य स्थापित करने का मार्ग है।
साधक नवग्रहों की ऊर्जा को समझने और उसे अपने अनुकूल बनाने के लिए यंत्र, मंडल और मंत्रों का आश्रय लेता है।
इन शक्तियों से संवाद स्थापित करने का सबसे सशक्त माध्यम मंत्र है। तंत्र में मंत्र को देवता का शब्द-स्वरूप या नाद-काय माना जाता है।





