तंत्र मार्ग में नवग्रहों की उपासना कैसे होती है का सबसे सीधा सार यह है: तंत्र मार्ग भय नहीं, ब्रह्मांडीय शक्तियों से सामंजस्य का मार्ग है — साधक यंत्र, मंडल और मंत्रों से नवग्रह ऊर्जा को अनुकूल बनाता है। तंत्र में मंत्र देवता...
तंत्र और आगम शास्त्रों में उपासना जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
•उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
•तंत्र और आगम शास्त्रों में उपासना श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
•यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।