विस्तृत उत्तर
तंत्र-मार्ग भय का नहीं, अपितु ब्रह्मांडीय शक्तियों के साथ सामंजस्य स्थापित करने का मार्ग है। साधक नवग्रहों की ऊर्जा को समझने और उसे अपने अनुकूल बनाने के लिए यंत्र, मंडल और मंत्रों का आश्रय लेता है।
नवग्रहों की उपासना भी परोक्ष रूप से उसी एक परब्रह्म की आराधना है, जिनसे वे शक्ति प्राप्त करते हैं।
मंत्रों की पवित्र साधना के माध्यम से हम इन ब्रह्मांडीय शक्तियों से जुड़ते हैं। यही साधना हमारे चित्त को शुद्ध करती है और अंततः हमें उपनिषदों के उस परम सत्य की ओर ले जाती है।





