विस्तृत उत्तर
नवग्रह कोई पृथक देवमंडल नहीं हैं, अपितु त्रिदेवों और उनकी शक्तियों से अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं।
बृहस्पति देवों के गुरु हैं, तो शुक्र असुरों के। शनिदेव भगवान शिव के परम भक्त हैं।
इस प्रकार, नवग्रहों की उपासना भी परोक्ष रूप से उसी एक परब्रह्म की आराधना है, जिनसे वे शक्ति प्राप्त करते हैं।





