नवग्रह और त्रिदेवों का क्या संबंध है का सबसे सीधा सार यह है: नवग्रह त्रिदेवों से अभिन्न रूप से जुड़े हैं — बृहस्पति देवगुरु हैं, शुक्र असुरगुरु, शनिदेव शिव के परम भक्त। उनकी उपासना परोक्ष रूप से परब्रह्म की ही आराधना...
नवग्रह परिचय जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
•उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
•नवग्रह परिचय श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
•यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।