विस्तृत उत्तर
दार्शनिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से 'सरस्वती' शब्द का अत्यंत गूढ़ अर्थ भी किया जाता है: 'सार' (Sara अर्थात Essence या मूल तत्त्व) और 'स्व' (Sva अर्थात Self या आत्मा)।
इस विच्छेद के अनुसार, सरस्वती का अर्थ होता है 'वह देवी जो आत्म-तत्त्व के सार का बोध कराती है' अथवा 'जो परब्रह्म के शाश्वत सार को व्यक्ति की चेतना (आत्मा) से एकाकार कराती है।'





