नीलकंठ पूजा में दूध, गन्ने का रस (इक्षु रस), जल, घी का दीपक, अक्षत, गंध और पुष्प की आवश्यकता होती है।
- 1दूध: विषपान के प्रभाव को शांत करने का प्रतीक। शिवलिंग पर दूध चढ़ाना विष के प्रभाव को कम करने का प्रतीक है।
- 2गन्ने का रस (इक्षु रस): विशेष रूप से तांत्रिक बाधाओं, नकारात्मक ऊर्जा, और ग्रह दोषों को दूर करने के लिए। इसके बाद जल अवश्य अर्पित करना चाहिए।
- 3घी का दीपक जलाना।
- 4अन्य सामग्री: शिव के अन्य पूजा विधानों (जैसे अक्षत, गंध, पुष्प) का प्रयोग।