क्या पौत्र और दौहित्र दोनों समान हैं?
की चेकलिस्ट
हाँ, याज्ञवल्क्य स्मृति के अनुसार पौत्र (पुत्र का पुत्र = पोता) और दौहित्र (पुत्री का पुत्र = नाती) दोनों समान रूप से अपने पूर्वजों को नरक से तारने की क्षमता रखते हैं। दौहित्र का श्राद्ध पौत्र के श्राद्ध से किसी भी प्रकार कम नहीं।
- 1पुत्र का पुत्र = पोता।
- 2पितृकुल का उत्तराधिकारी।
- 3दादा-दादी का श्राद्ध करने का अधिकारी।
- 4पुत्री का पुत्र = नाती।
- 5मातृकुल का उत्तराधिकारी।
- 6नाना-नानी का श्राद्ध करने का अधिकारी।
- 7दोनों समान रूप से अपने पूर्वजों को नरक से तार सकते हैं।
- 8कोई कमतर या ज्यादा नहीं।
- 9श्राद्ध की प्रभावशीलता दोनों में समान है।
- 10दौहित्र का श्राद्ध पौत्र के श्राद्ध से किसी भी प्रकार कम नहीं।
- 11दोनों को अपने-अपने कुल के पूर्वजों का श्राद्ध करने का पूर्ण शास्त्रीय अधिकार है।
- 12यद्यपि मुख्य व्यवस्था पितृ-सत्तात्मक है।
- 13परंतु मातृकुल के प्रति भी असीम कृतज्ञता का विधान है।
- 14दौहित्र को पौत्र के समान शास्त्रीय अधिकार और शक्ति प्राप्त है।
- 15पौत्र (पोता) → पितृकुल के पूर्वज (दादा, दादी आदि)।
- 16दौहित्र (नाती) → मातृकुल के पूर्वज (नाना, नानी)।
- 17दौहित्र के लिए विशेष तिथि = प्रतिपदा।
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