शनिवार को पीपल पर शनि की छाया मानी गई है। शनि साढ़ेसाती, ढैय्या, महादशा में यह उपाय अत्यन्त लाभकारी है। स्टील/पीतल के लोटे से काली तिल मिला जल चढ़ाएँ, 'ॐ शं शनिश्चराय नमः' जप करें, 7-11 परिक्रमा करें। तांबे का लोटा वर्जित। शनि कृपा, ग्रह शान्ति, आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।
- 1सूर्योदय के बाद स्नान करके पीपल के वृक्ष पर जाएँ।
- 2स्टील या पीतल के लोटे में शुद्ध जल में काली तिल, अक्षत मिलाएँ।
- 3'ॐ शं शनिश्चराय नमः' या 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः' मंत्र का जप करते हुए जल चढ़ाएँ।
- 4जल चढ़ाने के बाद 7 या 11 परिक्रमा करें।
- 5सन्ध्याकाल (सूर्यास्त के बाद) में सरसों के तेल का दीपक जलाना भी शुभ है — इससे लक्ष्मी कृपा प्राप्त होती है।
- 6तांबे के लोटे का प्रयोग न करें (तांबा सूर्य की धातु है, सूर्य-शनि में मित्रता नहीं)।
- 7सूर्योदय से पहले पीपल के पास न जाएँ।