पितर किस दिशा से घर आते हैं?
की चेकलिस्ट
पितर 'दक्षिण दिशा' से अपने वंशजों के घर आते हैं। शास्त्रों में दक्षिण दिशा को यमलोक और पितृलोक की दिशा माना गया है। यही कारण है कि श्राद्ध करते समय भी दक्षिण की ओर मुख रखा जाता है। वायु पुराण का दर्शन।
- 1शास्त्रों में दक्षिण दिशा को यमलोक और पितृलोक की दिशा माना गया है।
- 2यही कारण है कि पितर इसी दिशा से आते हैं।
- 3पितृ कार्य करते समय कर्ता का मुख अनिवार्य रूप से दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए।
- 4इसका कारण भी यही है — पितृलोक उसी दिशा में है।
- 5स्रोत: चंद्रलोक
- 6मार्ग: चंद्रलोक के माध्यम से
- 7दिशा: दक्षिण दिशा
- 8गंतव्य: मृत्यु लोक के घर के द्वार पर
- 9रूप: वायु रूप में
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श्रेणी
पितृ पक्ष
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