का सरल उत्तर
पितर 'दक्षिण दिशा' से अपने वंशजों के घर आते हैं। शास्त्रों में दक्षिण दिशा को यमलोक और पितृलोक की दिशा माना गया है। यही कारण है कि श्राद्ध करते समय भी दक्षिण की ओर मुख रखा जाता है। वायु पुराण का दर्शन।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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