पितृ पक्ष में पितर कहाँ से आते हैं?
की चेकलिस्ट
वायु पुराण के अनुसार पितर चंद्रलोक के माध्यम से दक्षिण दिशा से अपने वंशजों के घर के द्वार पर वायु रूप में उपस्थित होते हैं। 16 दिनों तक वे सम्मान, तर्पण और अन्नादि की प्रतीक्षा करते हैं।
- 1चंद्रलोक = पितर सामान्यतः चंद्रलोक में निवास करते हैं।
- 2पितृ पक्ष में वे चंद्रलोक के माध्यम से आते हैं।
- 3दक्षिण दिशा से आते हैं।
- 4शास्त्रों में दक्षिण दिशा को यमलोक और पितृलोक की दिशा माना गया है।
- 5अपने मृत्यु लोक के घर के द्वार पर।
- 6अर्थात् वंशजों के घर तक।
- 7वायु रूप में उपस्थित होते हैं।
- 8स्थूल शरीर नहीं — सूक्ष्म वायु रूप।
- 9वे अपने वंशजों से सम्मान, तर्पण और अन्नादि की प्रतीक्षा करते हैं।
- 1016 दिनों तक वे वंशजों के द्वार पर रहते हैं।
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पितृ पक्ष
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