पुनर्जन्म क्या है?
की चेकलिस्ट
पुनर्जन्म = कर्म-बंधन के कारण आत्मा का नए शरीर में प्रवेश। गीता 2.22 — पुराना वस्त्र त्याग, नया वस्त्र — आत्मा का रूपक। आत्मा अजन्मा, अमर (कठोपनिषद)। कर्म अनुसार 84 लाख योनियाँ। गरुड़ पुराण में मृत्युपश्चात् यात्रा का वर्णन। मोक्ष = पुनर्जन्म चक्र से मुक्ति।
- 1अजन्मा, नित्य, सनातन, पुरातन
- 2शरीर के नष्ट होने पर नष्ट नहीं होती
- 3न काटी जा सकती है, न जलाई जा सकती है
- 4संचित कर्म — अधूरी इच्छाएँ, आसक्तियाँ
- 5जब तक कर्म-बंधन है, पुनर्जन्म अनिवार्य है
- 6अच्छे कर्म = उच्च योनि; बुरे कर्म = निम्न योनि (84 लाख योनियाँ)
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श्रेणी
सनातन सिद्धांत
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