का सरल उत्तर
पुनर्जन्म = कर्म-बंधन के कारण आत्मा का नए शरीर में प्रवेश। गीता 2.22 — पुराना वस्त्र त्याग, नया वस्त्र — आत्मा का रूपक। आत्मा अजन्मा, अमर (कठोपनिषद)। कर्म अनुसार 84 लाख योनियाँ। गरुड़ पुराण में मृत्युपश्चात् यात्रा का वर्णन। मोक्ष = पुनर्जन्म चक्र से मुक्ति।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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