पुरश्चरण कैसे किया जाता है?
की चेकलिस्ट
पुरश्चरण के छह चरण: संकल्प → नित्य जप (ब्रह्ममुहूर्त, एक संख्या) → हवन (जप का 10वाँ) → तर्पण (हवन का 10वाँ) → मार्जन → ब्राह्मण भोजन। कठोर नियम: एकाहार, भूमि-शयन, ब्रह्मचर्य, मंत्र-गोपनीयता, एक दिन न छूटे। खंड-पुरश्चरण (40-90 दिन) गुरु-मार्गदर्शन में स्वीकार्य।
- 1ब्रह्ममुहूर्त में उठें — स्नान, शुद्ध वस्त्र
- 2आसन पर बैठें — कुशासन या ऊनी
- 3देवता का ध्यान — 5 मिनट
- 4गुरु-स्मरण — गुरु का ध्यान करें
- 5निश्चित संख्या में जप — प्रतिदिन एक ही संख्या
- 6जप-दान — जप का 10वाँ भाग हवन को समर्पित (नित्य मानसिक)
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