पुरश्चरण के लिए कितने जप करने पड़ते हैं?
की चेकलिस्ट
मंत्रमहार्णव: पुरश्चरण = अक्षर-संख्या × 1 लाख। उदाहरण: गायत्री (24 अक्षर) = 24 लाख, नमः शिवाय = 5 लाख, महामृत्युंजय = 33 लाख। नित्य 2 घंटा जप ≈ 1 वर्ष में 8 लाख पूर्ण। कुलार्णव: निर्धारित से कम न जपें। कुल: जप + हवन (N/10) + तर्पण (N/100) + मार्जन (N/1000)। संख्या से अधिक भाव-शुद्धि।
- 1पुरश्चरण में मंत्र के प्रत्येक अक्षर के लिए एक लाख जप करना पड़ता है।
- 2नित्य 1 घंटा जप = 12 माला = 1,296 जप
- 38 लाख पुरश्चरण = 8,00,000 ÷ 1,296 ≈ 617 दिन (लगभग 2 वर्ष)
- 4नित्य 2 घंटा = 300 दिन (लगभग 1 वर्ष)
- 5मुख्य जप: 'N' (निर्धारित)
- 6हवन: N ÷ 10
- 7तर्पण: N ÷ 100
- 8मार्जन: N ÷ 1,000
- 9ब्राह्मण भोजन: N ÷ 10,000
- 10संख्या की पूर्ति पर्याप्त नहीं — भाव-शुद्धि मुख्य है।
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